नियमों का प्राधिकार, निर्णय और अपील
ITF · 2026ITF नियम कैसे बदलता है, उपकरण और नियमों के औपचारिक प्रश्नों पर निर्णय कैसे करता है, और आवेदन, सुनवाई तथा अपील कैसे संभालता है।
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नियम कौन बनाता है?नियम बदलना या उनकी व्याख्या करनाविकल्प, परीक्षण और बीच टेनिसऔपचारिक निर्णय की प्रक्रियानिर्णय बोर्ड में कौन होता है?परामर्श और आवेदनअधूरे या दोहराए गए आवेदनसमीक्षा, साक्ष्य और खर्चसूचना और अंतरिम प्रभावअपील की पात्रता और समय सीमाअपील अधिकरण और अंतिम निर्णयभाषा, प्रकाशन और सूचना भेजनानियम कौन बनाता है?
ITF अपने टेनिस नियमों के माध्यम से खेल की रक्षा के लिए जिम्मेदार है। उसकी टेनिस नियम समिति लगातार खेल की समीक्षा करती है और निदेशक मंडल को बदलाव सुझाती है। मंडल फिर वार्षिक आम सभा को बदलाव सुझाता है, जो नियम बदलने का सर्वोच्च प्राधिकारी है।
अंग्रेजी पाठ प्रामाणिक है। किसी अनुवाद में उससे विरोध हो तो अंग्रेजी संस्करण मान्य होता है।
नियम बदलना या उनकी व्याख्या करना
नियमों में पुनः प्रकाशित संवैधानिक प्रावधान के अनुसार परिवर्तन या व्याख्या के लिए परिषद की वार्षिक आम सभा, ITF संविधान के अनुच्छेद 9D के अनुसार प्रस्ताव की अग्रिम सूचना, और उस प्रस्ताव या समान प्रभाव वाले प्रस्ताव पर पड़े मतों का 2/3 बहुमत चाहिए।
परिवर्तन सामान्यतः सभा के बाद आने वाली 1 जनवरी से लागू होता है। उसी बहुमत से सभा कोई अलग प्रभावी तिथि चुन सकती है। निदेशक मंडल व्याख्या के जरूरी प्रश्नों का समाधान कर सकता है, लेकिन उद्धृत संवैधानिक प्रावधान के अनुसार अगली आम सभा में पुष्टि आवश्यक है।
इस संशोधन प्रक्रिया को नियंत्रित करने वाला संवैधानिक पाठ केवल परिषद की आम सभा की सर्वसम्मति से बदला जा सकता है। दिए गए दस्तावेज में संवैधानिक सूचना प्रक्रिया का संदर्भ है, लेकिन उसकी पूरी शर्तें नहीं दी गई हैं।
विकल्प, परीक्षण और बीच टेनिस
परिशिष्ट VI में स्वीकृत वैकल्पिक प्रक्रियाएँ और स्कोरिंग विधियाँ हैं। अलग से ITF स्वयं पहल करके या आवेदन मिलने पर केवल परीक्षण के लिए बदलाव स्वीकार कर सकता है। परीक्षण निर्दिष्ट टूर्नामेंट या आयोजनों और/या सीमित अवधि तक होते हैं, प्रकाशित नियमों में शामिल नहीं होते, और पूरे होने पर ITF को रिपोर्ट देनी होती है।
परिशिष्ट XI कहता है कि अलग बीच टेनिस नियम टेनिस नियम समिति और निदेशक मंडल द्वारा स्वीकृत हैं। उसमें वे नियम दिए नहीं हैं। इसलिए केवल उस परिशिष्ट से बीच टेनिस के खेलने के नियम निर्धारित नहीं किए जा सकते।
औपचारिक निर्णय की प्रक्रिया
समीक्षा और सुनवाई की प्रक्रियाएँ निदेशक मंडल ने 17 मई 1998 को स्वीकृत की थीं और मंडल उनमें जोड़, संशोधन या बदलाव कर सकता है। उनका उद्देश्य निष्पक्ष, सुसंगत और शीघ्र प्रक्रिया है जो खेल की प्रकृति, अखंडता और पारंपरिक कौशल सुरक्षित रखे, उसकी चुनौती कायम रखने वाले सुधारों को प्रोत्साहित करे और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा की रक्षा करे।
ये प्रक्रियाएँ नियम 1 (कोर्ट), नियम 3 (गेंद), नियम 4 (रैकेट), परिशिष्ट I और II तथा ITF द्वारा चुने अन्य नियमों पर निर्णय को कवर करती हैं। निदेशक मंडल के प्रस्ताव या वैध आवेदन के बाद निर्णय बोर्ड फैसला करता है। इस प्रक्रिया से अपील न हो तो उसका निर्णय अंतिम है।
निर्णय बोर्ड में कौन होता है?
ITF अध्यक्ष या नामित व्यक्ति निर्णय बोर्ड नियुक्त करता है और उसका आकार तय करता है। सदस्य 1 से अधिक हों तो वे अपना अध्यक्ष चुनते हैं। अकेला सदस्य अध्यक्ष का काम करता है और कार्यवाही नियंत्रित करता है।
अध्यक्ष समीक्षा या सुनवाई से पहले और उसके दौरान कार्यवाही नियंत्रित करता है तथा किसी विशेष मुद्दे के लिए आवश्यक विशेषज्ञता वाले सदस्य जोड़ सकता है। अध्यक्ष को लगे कि सुनवाई के बिना मामले का निष्पक्ष समाधान हो सकता है तो सुनवाई अनिवार्य नहीं है।
परामर्श और आवेदन
निदेशक मंडल की पहल पर प्रस्तावित निर्णय का विवरण वास्तविक हित रखने वाले व्यक्तियों, खिलाड़ियों, उपकरण निर्माताओं, राष्ट्रीय संघों या उनके सदस्यों को भेजा जा सकता है। सूचना पाने वालों को अध्यक्ष या नामित व्यक्ति को टिप्पणियाँ, आपत्तियाँ या जानकारी के अनुरोध भेजने के लिए उचित समय मिलता है।
वास्तविक हित रखने वाला कोई भी पक्ष, जिसमें खिलाड़ी, उपकरण निर्माता, राष्ट्रीय संघ या सदस्य शामिल हैं, अध्यक्ष को लिखित आवेदन दे सकता है। आवेदन में नीचे की जानकारी होनी चाहिए।
- आवेदक का पूरा नाम, पता और आवेदन की तिथि दें।
- निर्णय माँगे गए प्रश्न में आवेदक का हित स्पष्ट करें।
- सुनवाई में आवेदक जिन प्रासंगिक दस्तावेजों पर भरोसा करना चाहता है, वे सभी दें।
- विशेषज्ञ साक्ष्य आवश्यक समझें तो उसका अनुरोध करें और प्रस्तावित विशेषज्ञ तथा उसकी संबंधित विशेषज्ञता बताएँ।
- रैकेट या अन्य उपकरण पर निर्णय के लिए आवेदन के साथ नमूना या उसकी हूबहू प्रति जमा करें।
- असाधारण परिस्थितियों में किसी खास समय के भीतर या तिथि से पहले निर्णय जरूरी हो तो वे परिस्थितियाँ समझाएँ।
अधूरे या दोहराए गए आवेदन
आवश्यक जानकारी या उपकरण न हो तो अध्यक्ष या नामित व्यक्ति आवेदक को सूचित करके कमी दूर करने की उचित अवधि तय करता है। उस अवधि में कमी दूर न होने पर आवेदन खारिज होता है। वैध आवेदन या मंडल का प्रस्ताव मिलने पर अध्यक्ष या नामित व्यक्ति निर्णय बोर्ड बुला सकता है।
निर्णय बोर्ड उचित रूप से यह माने कि आवेदन पिछले 36 महीनों में किसी निर्णय बोर्ड द्वारा तय आवेदन या प्रस्ताव से मूलतः समान है, तो उसे खारिज कर सकता है।
समीक्षा, साक्ष्य और खर्च
अध्यक्ष समीक्षा या सुनवाई का रूप, प्रक्रिया और तिथि तय करता है तथा आवेदक और रुचि व्यक्त करने वाले व्यक्तियों या संघों को लिखित सूचना देता है। अध्यक्ष साक्ष्य के मामलों में न्यायालय की प्रक्रिया या स्वीकार्यता के नियमों से बँधा नहीं है, बशर्ते प्रक्रिया निष्पक्ष हो और संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर मिले।
समीक्षा और सुनवाई निजी होती हैं और स्थगित या आगे बढ़ाई जा सकती हैं। निर्णय साधारण बहुमत से होते हैं; कोई सदस्य मतदान से विरत नहीं रह सकता।
अध्यक्ष अपने विवेक से आवेदक और/या अन्य सहभागी व्यक्तियों या संगठनों को आवेदन का खर्च तथा उपकरण परीक्षण या रिपोर्ट के उचित खर्च चुकाने का आदेश दे सकता है।
सूचना और अंतरिम प्रभाव
निर्णय के बाद यथाशीघ्र व्यावहारिक समय में निर्णय बोर्ड आवेदक और रुचि व्यक्त करने वाले व्यक्तियों या संघों को लिखित सूचना देता है। उसमें कारणों का सार होता है। निर्णय आवेदक को सूचना मिलते ही, या बोर्ड द्वारा निर्दिष्ट अन्य तिथि से, बाध्यकारी हो जाता है।
अंतरिम निर्णयों के अधीन, समीक्षा या सुनवाई पूरी होने और निर्णय जारी होने तक वर्तमान टेनिस नियम लागू रहते हैं। कार्यवाही से पहले या दौरान अध्यक्ष उचित रूप से आवश्यक निर्देश दे सकता है, जिनमें उपकरण की नियम-अनुरूपता तय होने तक अस्थायी प्रतिबंध भी शामिल हैं।
अपील की पात्रता और समय सीमा
आवेदक अपील कर सकता है। प्रस्तावित निर्णय में रुचि व्यक्त करके टिप्पणियाँ, आपत्तियाँ या अनुरोध जमा करने वाला व्यक्ति या संघ भी अपील कर सकता है।
निर्णय की सूचना मिलने के अधिकतम 45 दिनों के भीतर मूल निर्णय बोर्ड के अध्यक्ष को लिखित अपील देनी होती है। उसमें चुनौती दिए गए निर्णय की पहचान और अपील के पूरे आधार होने चाहिए।
मूल अध्यक्ष अपील की शर्त के रूप में उचित शुल्क माँग सकता है। अपील सफल हो तो शुल्क लौटता है। आवश्यक शुल्क चुकाने के बाद अध्यक्ष या नामित व्यक्ति अपील अधिकरण बुलाता है।
अपील अधिकरण और अंतिम निर्णय
अध्यक्ष या नामित व्यक्ति निदेशक मंडल में से अपील अधिकरण नियुक्त करता है। उसमें कम से कम 3 सदस्य होने चाहिए और उनमें से कोई मूल निर्णय बोर्ड में न रहा हो। अधिकरण अपना अध्यक्ष चुनता है, जो अपील से पहले और उसके दौरान कार्यवाही नियंत्रित करता है।
अपील पर ऊपर बताए प्रक्रिया, साक्ष्य, निजी सुनवाई, खर्च, सूचना और अंतरिम निर्णय के प्रावधान लागू होते हैं। उसका निर्णय अपीलकर्ता को सूचना मिलते ही, या अधिकरण द्वारा निर्दिष्ट अन्य तिथि से, बाध्यकारी और अंतिम हो जाता है।
भाषा, प्रकाशन और सूचना भेजना
सभी समीक्षाएँ और सुनवाइयाँ अंग्रेजी में होती हैं। आवेदक या कोई अन्य सहभागी व्यक्ति या संगठन अंग्रेजी न बोलता हो तो दुभाषिया उपस्थित होना चाहिए और जहाँ व्यावहारिक हो वह स्वतंत्र होना चाहिए।
निर्णय बोर्ड या अपील अधिकरण अपने निर्णयों के अंश प्रकाशित कर सकता है। सभी आवश्यक सूचनाएँ लिखित होनी चाहिए और जिस तिथि को आवेदक या अन्य संबंधित पक्ष तक पहुँचाई, भेजी या संप्रेषित की जाती हैं, उसी तिथि को सूचित माना जाता है।
स्रोत और तरीका ↗
