गेम, सेट और मैच का स्कोर
ITF · 2026मानक गेम, ड्यूस, टाई-ब्रेक में सर्विस, एडवांटेज और टाई-ब्रेक सेट तथा मैच के प्रारूप।
नियम 5(a) — मानक गेम
सर्वर का स्कोर हमेशा पहले बोलें। कोई अंक न होने पर लव कहा जाता है; अगले अंक 15, 30 और 40 कहलाते हैं। अगला अंक जीतने पर गेम जीता जाता है, लेकिन यदि दोनों खिलाड़ियों या टीमों ने 3 अंक जीत लिए हों तो ड्यूस होता है।
ड्यूस के बाद अगला अंक जीतने वाले को एडवांटेज मिलता है। उसके बाद का अंक जीतने पर गेम मिलता है; हारने पर फिर ड्यूस हो जाता है। ड्यूस से गेम जीतने के लिए खिलाड़ी या टीम को लगातार 2 अंक जीतने होते हैं।
नियम 5(b) — टाई-ब्रेक गेम
टाई-ब्रेक के अंक 0, 1, 2, 3 और आगे गिने जाते हैं। पहले 7 अंक पाने वाला खिलाड़ी या टीम तभी गेम और सेट जीतती है जब कम से कम 2 अंकों की बढ़त हो। अन्यथा वह अंतर बनने तक खेल जारी रहता है।
- जिस खिलाड़ी की अगली सर्विस बारी है, वह अंक 1 पर सर्विस करता है। अगले 2 अंकों पर विरोधी सर्विस करता है; युगल में यह विरोधी टीम का अगली बारी वाला सर्वर होता है।
- इसके बाद प्रत्येक खिलाड़ी या टीम बारी-बारी लगातार 2 अंकों पर सर्विस करती है। युगल खिलाड़ी टीम के भीतर उसी सर्विस क्रम को बनाए रखते हैं जो उस सेट में था।
- टाई-ब्रेक में क्रम 1 पर सर्विस करने वाला खिलाड़ी या टीम अगले सेट के गेम 1 में रिसीव करती है।
नियम 6 — सेट का स्कोर
आयोजन को पहले घोषित करना चाहिए कि एडवांटेज सेट होंगे या टाई-ब्रेक सेट। टाई-ब्रेक सेट होने पर यह भी बताना चाहिए कि अंतिम सेट टाई-ब्रेक प्रारूप का होगा या एडवांटेज प्रारूप का।
- एडवांटेज सेट में पहले 6 गेम जीतने वाला खिलाड़ी या टीम तभी जीतती है जब कम से कम 2 गेम की बढ़त हो। यह अंतर बनने तक उस स्कोर से आगे खेल जारी रहता है।
- टाई-ब्रेक सेट में पहले 6 गेम जीतने वाला खिलाड़ी या टीम कम से कम 2 गेम की बढ़त के साथ जीतती है। दोनों के 6 गेम होने पर टाई-ब्रेक गेम खेलें।
नियम 7 — मैच का स्कोर
मैच अधिकतम 3 सेट का हो सकता है, जिसमें जीत के लिए 2 सेट चाहिए, या अधिकतम 5 सेट का, जिसमें जीत के लिए 3 सेट चाहिए। परिशिष्ट VI में अलग से स्वीकृत वैकल्पिक प्रक्रियाएँ और स्कोरिंग विधियाँ हैं; वे यहाँ दिए मानक प्रारूपों से अलग हैं।
स्रोत और तरीका ↗
